डॉ. दीपिका दीदी की डायरी….
जरा सोचिए … हर महिला अपने आप में ईश्वर का रूप होती है l जो हर दायित्व निभाती है ,बिना कोई शिकायत किये ; घर में ढेर सारे काम l ख्वाहिशों के कहां किनारे होते हैं l आज हम मिल रहे हैं अमरोहा की महानायिका डॉक्टर दीपिका माहेश्वरी सुमन से l कक्षा 9 से कविताओं का लेखन l 7 सितंबर 1978 को जन्म l गीत ,ग़ज़ल ,सजल मुक्तक दोहे, छंद, लेख ,उपन्यास कहानियाँ l फिर क्या बचा है लिखने को l आकाशवाणी नजीबाबाद से रचनाएं रचनाओं का प्रसारण l एक सफल मंच संचालिका… कुशल गृहिणी… व्यवहार कुशल योग्य नेत्री lकैलिफोर्निया पब्लिक यूनिवर्सिटी से डि.लिट.मानद उपाधि l नजीबाबाद में ससुराल, एक प्रतिष्ठ व्यापारी नेता से विवाह lनजीबाबाद की पूर्व सभासद कैंडिडेट (2017)l
डॉक्टर दीपिका जी के जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए परंतु इस वीरांगना ने हार नहीं मानी l जीवन काफी संघर्षों से भरा रहा l इन्होंने” स्त्री तंत्र की व्याख्या” पुस्तक लिखी l परिवार द्वारा विरोध किया गया परंतु साबला डॉक्टर दीपिका ने हार नहीं मानी l
इस साहित्य साधिका की रचनाएं कविताएं भारतवर्ष के राष्ट्रीय समाचार पत्र पत्रिकाओं में प्रमुखता से प्रकाशित हुई है l श्रृंगार रस की एक बानगी देखिए:-
काली जुल्फे जब चेहरे पर झुकी गुलाबी गालों पर निगाहें रुकी l
अजब सा समा है मजा आ रहा नशीले नैनों में नशा छा रहा l
डॉक्टर दीपिका का रचना संसार अजर- अमर है ,कालजई है lसमय ही इसका मूल्यांकन करेगा l ‘अंजना’ उपन्यास के” कहना ही क्या” जितनी बार पढ़ो उतना ही रस बढ़ता जाता है l उनकी कविता में वेदना ,कराह आतृनाद भरा है । प्रकृति में प्रेमी की मधुर स्मृतियां देख रही है l
उमड़- घुमड़ कर आए बादल, रिमझिम- रिमझिम बरस रहे l
यादों के संग लाये बादल,
रिमझिम रिमझिम बरस रहे l
देखिए गीत में डॉक्टर दीपिका क्या कहती हैं –
आनंदित नैना मेरे झूम झूम कर चहक रहे l
मन में ख़ुशी बताने को पलके झटका कर लहक रहेl
इनका रचना संसार महंगाई की तरह बहुत विस्तृत है l
‘ छू लेते हो जब लवजो आप हमारा अंतरमन’
‘ निरही सा खोजता फिरूं मैं अक्स तेरा’
यह डॉक्टर हैं , इन्होंने साहित्य की नस को पकड़ा है l महादेवी दीपिका , अमरोहा का ताज हैं और नजीबाबाद का गौरव l इस महान हस्ती को शत-शत नमन l अमरोहा की पावन भूमि का नमन l अच्छा तो हम चलते हैं…
यह जिंदगी जो न गुजरी तेरी पनाहों में ख्वाब बनके तू बस गया इन निगाहों में …
अजी पत्ता -पत्ता प्याला हो गया है ‘सुमन ‘
अपने ही अश्क पीते फिर रहे हैं राहों में l
_अजय शर्मा यात्री_
खुटार, शाहजहाँपुर (उत्तर प्रदेश
PLZ Subscribe RN TODAY NEWS https://www.youtube.com/ channel/UC8AN- OqNY6A2VsZckF61m-g AND RN TODAY MAGAZINE ME न्यूज़ या आर्टिकल व विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें (RN TODAY NEWS +919927141966)
RN TODAY Online News Portal