
वरिष्ठ वास्तुकार आशीष श्रीवास्तव को मानद डॉक्टरेट की उपाधि, इंडो-इंटरनेशनल इंटेलेक्चुअल कॉन्क्लेव 2026 में हुआ सम्मान
नई दिल्ली | 11 जनवरी 2026 – इंडो-इंटरनेशनल इंटेलेक्चुअल कॉन्क्लेव 2026 के अंतर्गत आयोजित फेलोशिप एवं फेलिसिटेशन कॉन्क्लेव में वरिष्ठ वास्तुकार आशीष श्रीवास्तव को वास्तुकला के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट, नवोन्मेषी एवं दीर्घकालिक योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह भव्य आयोजन नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में संपन्न हुआ।

आशीष श्रीवास्तव को यह सम्मान विशेष रूप से सतत एवं हरित वास्तुकला (सस्टेनेबल एंड ग्रीन आर्किटेक्चर), भूकंप-रोधी भवन डिज़ाइन तथा सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया गया। उनके पेशेवर कार्यों ने पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार, सुरक्षित और भविष्य के अनुरूप वास्तुकला समाधानों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है।

सम्मान समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि श्रीवास्तव का कार्य न केवल समकालीन भारतीय वास्तुकला को नई दिशा देता है, बल्कि यह युवा वास्तुकारों के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत भी है। यह मानद डॉक्टरेट उनकी पेशेवर उत्कृष्टता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान का प्रतीक है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मॉरीशस की भारत में उच्चायुक्त शीला बप्पू रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में भारत में अफगानिस्तान के पीस एंड स्पोर्ट्स काउंसलर डॉ. ट्रांजियर वशिष्ठ की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।

समारोह की अध्यक्षता उत्तराखंड उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति राजेश टंडन ने की। कार्यक्रम में अन्य गणमान्य अतिथियों में राधेश्याम मिश्रा (आईएएस, पूर्व राजस्व सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार),
सेशेल्स के भारत में उच्चायुक्त महामहिम हरिशोआ लालतियाना अंकुश,
मॉरीशस के पूर्व उच्चायुक्त माननीय मुकेश्वर चोनी,
राज्यसभा सांसद माननीय स्वाति मालीवाल तथा
डॉ. अभिषेक वर्मा (एनडीए) शामिल रहे।
यह आयोजन बौद्धिक विमर्श, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों के सम्मान का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

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